*योगी सरकार की हाईटेक पुलिसिंग से पीड़ितों के चेहरे पर लौटी मुस्कान:**आजमगढ़ पुलिस ने बरामद किए ₹14.37 करोड़ के 6,035 खोए मोबाइल CEIR पोर्टल, त्रीनेत्र कॉप और स्मार्ट सर्विलांस से अपराधियों के हौसले पस्त; एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने वास्तविक स्वामियों को सौंपे 265 स्मार्टफोन*आजमगढ़।उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार में कानून-व्यवस्था को पारदर्शी और चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए पुलिस प्रशासन को हाई टेक्नोलॉजी और आधुनिक फीचर्स से लैस किया गया है। इस स्मार्ट और हाइटेक पुलिसिंग का सीधा लाभ अब आम नागरिकों को मिल रहा है। पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल में जब किसी व्यक्ति का मोबाइल फोन खो जाता था या चोरी हो जाता था, तो उसे दोबारा वापस पाना एक असंभव सपना माना जाता था। पीड़ित अक्सर थानों के चक्करर काटकर निराश हो जाते थे। वहीं अब व्यवस्था में योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा पुलिसकर्मियों को दिए गए आधुनिक संसाधनों और निरंतर मॉनिटरिंग के चलते नागरिकों का भरोसा पुनः बहाल हुआ है और मोबाइल चोरी के पीड़ितों के चेहरे की मुस्कान लौट रही है। अब मोबाइल गुम होने पर नागरिक केवल शिकायत दर्ज कराकर आश्वस्त हो जाते हैं कि तकनीक के बल पर उनका फोन अवश्य मिल जाएगा।इसी हाईटेक अभियान के तहत आजमगढ़ पुलिस ने तकनीक का प्रभावी इस्तेमाल करते हुए एक बार फिर मिसाल कायम की है। जनपद में चलाए जा रहे विशेष रिकवरी अभियान में सर्विलांस टीम ने ₹61 लाख मूल्य के 265 एंड्रायड मोबाइल फोन सफलतापूर्वक बरामद कर उनके वास्तविक स्वामियों को वापस लौटाए हैं।3 अक्टूबर को रिजर्व पुलिस लाइन में वितरित किए गए 265 स्मार्टफोन3 अक्टूबर को रिजर्व पुलिस लाइन आजमगढ़ में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) चिराग जैन ने बरामद किए गए 265 एंड्रायड मोबाइलों को उनके मालिकों के सुपुर्द किया। महीनों बाद अपना गुमशुदा मोबाइल और उसमें सुरक्षित जरूरी डेटा वापस पाकर लोगों के चेहरे खिल उठे। नागरिकों ने पुलिस प्रशासन की इस त्वरित और निष्पक्ष कार्यप्रणाली के लिए उत्तर प्रदेश सरकार व पुलिस विभाग की सराहना की।फरवरी 2024 से अब तक का शानदार रिकॉर्ड: 6,035 मोबाइल बरामदउत्तर प्रदेश योगी आदित्यनाथ सरकार के निर्देश पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) डॉ. अनिल कुमार द्वारा स्वयं अपनी मॉनिटरिंग में चलाए जा रहे इस अभियान के आंकड़े बेहद उत्साहजनक हैं। *वर्ष 2026 की सफलता:* चालू वर्ष 2026 में 3 अक्टूबर तक आजमगढ़ पुलिस द्वारा 2,398 एंड्रायड फोन बरामद किए जा चुके हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग ₹6 करोड़ 31 लाख 75 हजार है। *कुल बरामदगी* फरवरी 2024 से लेकर अब तक पुलिस की सर्विलांस और सीसीटीएनएस (CCTNS) टीमों ने कुल 6,035 एंड्रायड मोबाइल ढूंढ निकाले हैं। इनकी कुल बाजारी कीमत करीब ₹14 करोड़ 37 लाख बताई गई है।CEIR पोर्टल और तीन नेत्र एप बने पुलिस का मुख्य हथियारइस पूरी प्रक्रिया में केंद्र और राज्य सरकार के संचार साथी का CEIR पोर्टल (Central Equipment Identity Register) और ‘तीन नेत्र कॉप’ जैसे सर्विलांस टूल्स गेम-चेंजर साबित हो रहे हैं। नागरिक द्वारा पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराते ही मोबाइल का IMEI नंबर ब्लॉक और ट्रेसिंग मोड पर आ जाता है। जैसे ही उस सेट में नया सिम डाला जाता है, सर्विलांस टीम को लोकेशन मिल जाती है।*उच्च अधिकारियों की मॉनिटरिंग से कार्यप्रणाली में सुधार*अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) चिराग जैन ने बताया कि योगी सरकार द्वारा पुलिस बल को हर स्तर पर आधुनिक तकनीक से लैस किया जा रहा है। उच्च अधिकारियों की समय-समय पर की जा रही समीक्षा और मॉनिटरिंग से कर्मियों की कार्यशैली में बड़ा सकारात्मक बदलाव आया है। आज पुलिस अपराधियों पर नकेल कसने के साथ-साथ आम जनता की सहयोगी बनकर उभर रही है। पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि मोबाइल खोने पर घबराएं नहीं और तुरंत CEIR पोर्टल (ceir.gov.in) पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराएं।