आजमगढ़।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत आगामी त्योहारों पर जनस्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। दीपावली, भैया दूज, चित्रगुप्त पूजा और छठ पर्व के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों की सेहत से खिलवाड़ रोकने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने मिलावटखोरों के विरुद्ध कठोर रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री के ‘शुद्ध ही शुभ है’ विजन को धरातल पर उतारने के लिए आजमगढ़ जनपद में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन द्वारा एक व्यापक और सघन जांच अभियान प्रारंभ किया गया है। प्रशासन की इस मुस्तैदी का मुख्य ध्येय पर्वों के समय नागरिकों को पूरी तरह से शुद्ध, गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है, ताकि प्रत्येक नागरिक भयमुक्त वातावरण में खुशियों के साथ त्योहार मना सके।

ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में व्यापक जांच
‘ज़ीरो टॉलरेंस’ की नीति का अनुपालन करते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग की विशेष टीमें आजमगढ़ के शहरी और ग्रामीण दोनों इलाकों में दिन-रात सक्रिय हैं। शहर के प्रमुख व्यावसायिक बाजारों के साथ-साथ लालगंज, कप्तानगंज, भंवरनाथ, मेंहनगर और बिंद्रा बाजार क्षेत्र की दुकानों व निर्माण कारखानों में व्यापक रूप से जांच और सैंपलिंग की जा रही है। त्योहारों के दौरान अत्यधिक मांग में रहने वाले खोया, पनीर, दुग्ध उत्पादों और मिठाइयों की निर्माण प्रक्रिया एवं उनके भंडारण पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
त्वरित कार्रवाई और प्रयोगशाला परीक्षण
जांच अभियान को केवल निरीक्षण तक सीमित न रखते हुए मौके पर ही त्वरित और प्रभावी कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
निरीक्षण के दौरान पाई जाने वाली मानकों के विपरीत, घटिया या दूषित सामग्री को तुरंत मौके पर ही नष्ट कराया जा रहा है, ताकि वह उपभोक्ताओं तक न पहुंच सके।

प्रयोगशाला परीक्षण जन-शिकायतों और तनिक भी संदेह होने पर खाद्य पदार्थों के लीगल सैंपल एकत्र कर त्वरित जांच के लिए राज्य प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं।
दंड का प्रावधान
नमूनों में मिलावट की पुष्टि होने अथवा मानकों की अनदेखी पाए जाने पर संबंधित मिलावटखोरों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा अधिनियम (FSSAI) के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
व्यापारियों को जागरूक कर शुद्धता पर बल
अभियान के दौरान विभाग द्वारा व्यापारियों व खाद्य विक्रेताओं को जागरूक करते हुए सख्त दिशा-निर्देश भी दिए जा रहे हैं। व्यापारियों को स्पष्ट सलाह दी गई है कि वे केवल पंजीकृत और प्रामाणिक विक्रेताओं से ही कच्चा माल खरीदें। इसके साथ ही मिठाइयों के निर्माण में केवल स्वीकृत खाद्य रंगों (FSSAI मानक के अनुरूप रंगों) का सीमित मात्रा में उपयोग करने, परिसर में स्वच्छता बनाए रखने और ताजी सामग्रियां ही बेचने के निर्देश दिए गए हैं।
अब तक की कार्रवाई और आगे की कार्ययोजना
मेंहनगर और बिंद्रा बाजार क्षेत्र में त्वरित कार्रवाई करते हुए लगभग 150 किग्रा (डेढ़ क्विंटल) मिलावटी व खराब मिठाई और खोये को मौके पर नष्ट कराया गया है। इसके अलावा दर्जनों संदिग्ध खाद्य पदार्थों के नमूने लैब भेजे गए हैं तथा मानकों का उल्लंघन करने वाले आठ से अधिक दुकानदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
अभियान का लक्ष्य
छठ पर्व के समापन तक जनपद के सभी प्रमुख बाजारों, थोक विक्रेताओं और मिठाई निर्माण इकाइयों को जांच के दायरे में लाना है। आने वाले दिनों में जिले के विभिन्न हिस्सों में बिना किसी पूर्व सूचना के सरप्राइज चेकिंग जारी रहेगी, ताकि मिलावटखोरी के सिंडिकेट पर पूरी तरह नकेल कसी जा सके।