*योगी सरकार का ‘मिशन शक्ति 6.0’: आजमगढ़ में सुरक्षा और स्वावलंबन का नया सफरनामा*आजमगढ़। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विशेष निर्देशों के अनुपालन में शारदीय नवरात्रि के पावन पर्व से शुरू हुआ ‘मिशन शक्ति फेज-6.0’ महाअभियान आजमगढ़ जिले में महिलाओं, छात्राओं और बालिकाओं के लिए सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन की एक नई मिसाल पेश कर रहा है। नवरात्रि की पावन तिथियों से आरंभ हुआ यह विशेष अभियान पूरे माह लगातार जारी रहेगा, जिसके तहत हर दिन अलग-अलग थीम पर जागरूकता और सशक्तिकरण के विविध कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। प्रशासनिक मुस्तैदी और जनसहभागिता के बल पर जिले में यह अभियान जन-आंदोलन का रूप ले चुका है।अभियान के प्रथम दिवस 12 अक्टूबर को पुलिस लाइन आजमगढ़ से अपर जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक (यातायात/नगर) पंकज कुमार श्रीवास्तव ने भव्य जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस विशाल रैली में 800 से अधिक महिलाओं, स्कूली छात्राओं, एनसीसी कैडेट्स और सामाजिक संगठनों की सक्रिय भागीदारी रही। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनसमूह को आपातकालीन सेवा नंबरों जैसे 1090 (महिला पावर हेल्पलाइन), 112 (आपातकालीन सेवा), 181 (महिला हेल्पलाइन) और 1098 (चाइल्ड हेल्पलाइन) की विस्तृत जानकारी देकर जागरूक किया गया।अभियान के दूसरे और तीसरे दिन यानी 13 व 14 अक्टूबर को थानों और ग्रामीण क्षेत्रों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। मिशन शक्ति की समर्पित टीमें जिले के सभी 26 थानों तथा 112 से अधिक ग्राम पंचायतों और शहरी वार्डों तक पहुंचीं। सभी थानों में स्थापित महिला हेल्प डेस्क के माध्यम से शिकायतों की त्वरित जनसुनवाई की गई। इसके अलावा गांवों में चौपाल लगाकर वर्तमान समय में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों, जैसे डिजिटल अरेस्ट और सेक्सटॉर्शन से बचाव के उपाय बताए गए। साथ ही मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना समेत अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी ग्रामीणों से साझा की गई।इसके पश्चात 15 और 16 अक्टूबर को अहरौला स्थित राजकीय महिला महाविद्यालय सहित विभिन्न शिक्षण संस्थानों में विधिक जागरूकता कार्यशालाएं आयोजित की गईं। इन आयोजनों में मेधावी छात्राओं, स्वयं सहायता समूहों की आत्मनिर्भर महिलाओं और उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिला कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। छात्राओं का आत्मविश्वास बढ़ाने और उन्हें प्रशासनिक कार्यप्रणाली से परिचित कराने के उद्देश्य से सांकेतिक रूप से प्रशासनिक दायित्व भी सौंपे गए।आजमगढ़ पुलिस एवं प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, जिले में अब तक 102 से अधिक जागरूकता कार्यक्रमों के जरिए 3,217 नागरिकों (2,305 महिलाएं व बालिकाएं तथा 912 पुरुष) को सीधा जागरूक किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एंटी रोमियो स्क्वाड ने 1,206 संदिग्ध व्यक्तियों की सघन चेकिंग कर 785 को चेतावनी दी तथा 392 निजी वाहनों और टैक्सियों का भौतिक सत्यापन किया। इसके साथ ही छात्राओं को आत्मरक्षा, विधिक अधिकारों और सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग के प्रति जागरूक करने के लिए 1,400 से अधिक मुद्रित पंपलेट वितरित किए गए। पूरे माह चलने वाले इस महाअभियान से महिलाओं में सुरक्षा की भावना सुदृढ़ हो रही है।