आजमगढ़ के 22 हजार से अधिक बुजुर्गों को मिल रहा सीधा फायदा, घर बैठे मोबाइल ऐप से दर्ज हो रहा जीवित प्रमाण पत्र; वरिष्ठ नागरिकों को बैंक और कोषागार की कतारों से मिली स्थायी मुक्ति
आजमगढ़।
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा प्रदेश के वरिष्ठ नागरिकों और पेंशनभोगियों को डिजिटल तकनीक से जोड़कर उनके जीवन को सुगम बनाने की दिशा में उठाया गया अभूतपूर्व कदम अत्यंत सराहनीय और ऐतिहासिक सिद्ध हो रहा है। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार की स्पष्ट मंशा के अनुरूप आजमगढ़ जिला प्रशासन एवं कोषागार आजमगढ़ द्वारा चलाए जा रहे डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (DLC) अभियान से बुजुर्गों को कोषागार, पेंशन कार्यालयों अथवा बैंक शाखाओं के बार-बार चक्कर काटने तथा लंबी-लंबी कतारों में घंटों खड़े रहने की शारीरिक व मानसिक परेशानी से हमेशा के लिए मुक्ति मिल गई है। प्रदेशभर में लाखों पेंशनधारकों को इस पारदर्शी व्यवस्था का सीधा लाभ मिल रहा है, जिससे न केवल उनके समय व श्रम की बचत हो रही है, बल्कि दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले अशक्त, बीमार एवं असहाय बुजुर्गों की पेंशन भी बिना किसी रुकावट के सीधे उनके बैंक खातों में समय पर पहुंच रही है।
डिजिटल क्रांति: आंकड़ों में लगातार बढ़ोतरी
आजमगढ़ जनपद में कुल पंजीकृत पेंशनरों की संख्या 22,325 है, जिन्हें इस डिजिटल क्रांति का सीधा लाभ पहुँचाया जा रहा है। प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, कोषागार आजमगढ़ के निरंतर प्रयासों एवं जन-जागरूकता कार्यक्रमों के चलते अब तक 11,724 पेंशनरों ने सफलतापूर्वक डिजिटल माध्यम से अपना जीवन प्रमाण पत्र दर्ज करा लिया है। आंकड़ों का सिलसिलेवार विश्लेषण यह दर्शाता है कि डिजिटल माध्यम अपनाने वाले बुजुर्गों की संख्या में वर्ष-दर-वर्ष रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है:
- वित्तीय वर्ष 2020-21: 1,005 पेंशनभोगी
- वित्तीय वर्ष 2021-22: 1,051 पेंशनभोगी
-वित्तीय वर्ष 2022-23: 1,812 पेंशनभोगी
-वित्तीय वर्ष 2023-24: 2,006 पेंशनभोगी
-वित्तीय वर्ष 2024-25: 2,428 पेंशनभोगी
-वित्तीय वर्ष 2025-26: रिकॉर्ड 2,780 पेंशनभोगी
-चालू वित्तीय वर्ष (01 अप्रैल से 14 अक्टूबर): 642 पेंशनभोगी
फेस ऑथेंटिकेशन और ‘डोरस्टेप सेवा’ से सुगम हुई राह
इस पूरी सत्यापन प्रक्रिया को सुलभ बनाने में अत्याधुनिक डिजिटल तकनीक का महत्वपूर्ण योगदान है। केंद्र व राज्य सरकार के समन्वय से शुरू की गई ‘Aadhaar FaceRD App’ (फेस ऑथेंटिकेशन) प्रणाली ने प्रमाणीकरण को बेहद सरल और सुरक्षित बना दिया है। इस तकनीक के तहत किसी बाहरी बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट मशीन या अन्य उपकरण की आवश्यकता नहीं होती; पेंशनभोगी केवल अपने एंड्रॉइड स्मार्टफोन के फ्रंट कैमरे से चेहरा स्कैन करके आधार डेटाबेस के जरिए घर बैठे ही सेकेंडों में अपना प्रमाण पत्र सत्यापित कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, ‘जीवन प्रमाण’ ऐप से बायोमेट्रिक सत्यापन की सुविधा भी उपलब्ध है। जो बुजुर्ग तकनीक का उपयोग करने में असमर्थ हैं, उनके लिए इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) के माध्यम से डाकियों द्वारा घर-घर जाकर ‘डोरस्टेप सेवा’ दी जा रही है।
शत-प्रतिशत संतृप्ति के लिए व्यापक अभियान जारी
वर्तमान में आजमगढ़ जिले के शेष बचे 10,601 पेंशनरों को इस सुविधा से शत-प्रतिशत जोड़ने के लिए कोषागार प्रशासन व्यापक स्तर पर विशेष अभियान चला रहा है। इसके अंतर्गत प्रतिवर्ष की भांति इस बार भी नवंबर माह में विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। साथ ही 17 दिसंबर को ‘पेंशनर दिवस’ के अवसर पर बुजुर्गों को मोबाइल ऐप्स के उपयोग हेतु जागरूक एवं प्रोत्साहित किया जाएगा। योगी सरकार के इस पारदर्शी, तकनीक-संचालित और अत्यंत संवेदनशील कदम ने उत्तर प्रदेश में सुशासन और लोक-कल्याण की नई मिसाल कायम की है।