
आजमगढ़: प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले आजमगढ़ जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के संविदा कर्मचारियों का अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार व धरना प्रदर्शन लगातार चौथे दिन भी जारी रहा। सुबह 10 बजे से ही सैकड़ों की संख्या में कर्मचारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय परिसर में जुटने लगे और अपनी 6 सूत्रीय मांगों को लेकर सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए जमकर हुंकार भरी।
धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए संयुक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष डॉ. नरेंद्र कुमार ने कहा कि संविदा कर्मी लंबे समय से समान कार्य के लिए समान वेतन, ग्रेच्युटी, ईपीएफ, ईएसआई, आयुष्मान भारत योजना का लाभ तथा स्थाईकरण (नियमितीकरण) जैसी मूलभूत मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन प्रदेश सरकार लगातार उनकी मांगों की अनदेखी कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर आजमगढ़ से भी सैकड़ों की संख्या में एनएचएम कर्मी अपनी आवाज बुलंद करने के लिए लखनऊ स्थित इको गार्डेन में आयोजित प्रदेश स्तरीय धरना-प्रदर्शन में शामिल होने रवाना हुए हैं।
कर्मचारी नेताओं का कहना है कि आउटसोर्सिंग व्यवस्था समाप्त कर कर्मचारियों का समायोजन किया जाए और 8, 10 व 15 वर्ष सेवा पूरी कर चुके कर्मचारियों को लॉयल्टी बोनस दिया जाए। जब तक सरकार उनकी 6 सूत्रीय मांगों को स्वीकार नहीं कर लेती, तब तक यह आंदोलन अनवरत जारी रहेगा।
कार्यालय परिसर में आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में मुख्य रूप से डॉ. ओ.पी. जायसवाल, डॉ. उपेन्द्र दुबे, सुजीत, रिशा, अनुपम, श्वेता समेत संघ के अनेक पदाधिकारी व सैकड़ों संविदा स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित रहे।