विकसित भारत-2047 के निर्माण में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की भूमिका पर व्याख्यान आयोजित

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आजमगढ़, 14 अक्टूबर 2026। प्राचार्य प्रो0 प्रेमचन्द्र के निर्देशन में, द नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज, इंडिया (NASI), वाराणसी चैप्टर, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के तत्वावधान में तथा डी.ए.वी. पी.जी. कॉलेज, आजमगढ़ के विज्ञान संकाय के सहयोग से लोकप्रिय व्याख्यानमाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वैज्ञानिक एवं प्रौद्योगिकीय प्रगति के माध्यम से विकसित भारत-2047 के निर्माण तथा प्रकृति के साथ सामंजस्यपूर्ण जीवन की अवधारणा पर विशेषज्ञों ने अपने विचार व्यक्त किए।
प्रथम व्याख्यान में प्रो. मधुलिका अग्रवाल ने “Scientific & Technological Advancements for Viksit Bharat 2047” विषय पर प्रकाश डालते हुए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी को भारत के आर्थिक विकास, तकनीकी आत्मनिर्भरता और वैश्विक नेतृत्व का आधार बताया। उन्होंने वैज्ञानिक अनुसंधान, नवाचार, प्रभावी नीतिगत सहयोग तथा वैज्ञानिक संस्थाओं की भूमिका को विकसित भारत के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए महत्त्वपूर्ण बताया। उन्होंने विज्ञान के माध्यम से सामाजिक चुनौतियों के समाधान और युवा वैज्ञानिकों को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
द्वितीय व्याख्यान में डॉ. पी.सी. अभिलाष ने “Living in Harmony with Nature” विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने कहा कि मनुष्य और प्रकृति एक-दूसरे के पूरक हैं। पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता की रक्षा, जल एवं प्राकृतिक संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग तथा सतत जीवनशैली अपनाकर ही स्वस्थ और संतुलित भविष्य का निर्माण किया जा सकता है। उन्होंने वृक्षारोपण, प्लास्टिक के सीमित उपयोग, पुनर्चक्रण तथा स्थानीय एवं मौसमी उत्पादों को अपनाने जैसे व्यावहारिक उपायों पर जोर दिया।
कार्यक्रम ने विज्ञान, सतत विकास और पर्यावरणीय चेतना के पारस्परिक संबंधों को रेखांकित करते हुए विकसित भारत के निर्माण में वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं प्रकृति के प्रति उत्तरदायित्व की महत्ता को स्पष्ट किया। आये हुए अतिथियों के प्रति आभार ज्ञापन प्रभारी प्राचार्य प्रो0 शिल्पा त्रिपाठी ने किया।
कार्यक्रम का आयोजन डी.ए.वी. पी.जी. कॉलेज के विज्ञान संकाय द्वारा किया गया एवं मंच संचालन आयोजन सचिव गणित विभाग के प्रो0 पी0सी0 श्रीवास्तव ने किया, आजमगढ़ के सेमिनार हॉल में इस कार्यक्रम में विज्ञान संकाय के समस्त प्राध्यापक व छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।

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