
उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने शुक्रवार को अतरौलिया स्थित निरीक्षण भवन में आयोजित जनता दरबार के दौरान प्रेस वार्ता में डीजल-पेट्रोल की किल्लत और विपक्ष के आरोपों पर सरकार का पक्ष मजबूती से रखा। उन्होंने कहा कि वैश्विक परिस्थितियों, विशेषकर ईरान और इजरायल के बीच जारी तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय तेल आपूर्ति पर पड़ा है, जिससे अस्थायी समस्या उत्पन्न हुई है।
राजभर ने कहा कि “जब बड़े देश आपसी संघर्ष में उलझते हैं, तो उसका असर अन्य देशों पर भी पड़ता है। वर्तमान स्थिति भी उसी का परिणाम है।” उन्होंने भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार इस चुनौती से निपटने के लिए वार्ता कर तेजी से काम कर रही है। मंत्री ने बताया कि भारत के लिए तेल लेकर आने वाले जहाज समुद्र में रवाना हो चुके हैं और शीघ्र ही आपूर्ति सामान्य हो जाएगी। उन्होंने आम जनता से अपील की कि घबराकर तेल का अनावश्यक भंडारण न करें। “सबको पर्याप्त मात्रा में तेल उपलब्ध कराया जाएगा, केवल थोड़े धैर्य की आवश्यकता है,”उन्होंने पेट्रोल पंप संचालकों से भी अपील की कि बिना ठोस कारण ‘नो स्टॉक’ के बोर्ड न लगाएं, जिससे अनावश्यक अफवाह और भीड़ की स्थिति पैदा होती है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा मिट्टी के चूल्हे को लेकर किए गए ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए राजभर ने इसे “सफेद झूठ” करार दिया।कहा अगर जांच किया जाय तो घर मे 10 सिलेंडर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि विपक्ष जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है। “जिनके घरों में गैस सिलेंडरों की कमी नहीं है, वे आम जनता के नाम पर भ्रम फैला रहे हैं,” उन्होंने तंज कसा।
विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे इस आरोप को कि सरकार जानबूझकर किल्लत पैदा कर रही है, मंत्री ने पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य आम जनता को राहत देना है, न कि संकट उत्पन्न करना। राजभर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संवाद कर रहे हैं, ताकि वैकल्पिक स्रोतों से तेल आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
प्रेस वार्ता के दौरान मंत्री ने स्पष्ट किया कि मौजूदा संकट वैश्विक कारणों से उत्पन्न हुआ है और सरकार युद्ध स्तर पर काम कर रही है। उन्होंने जनता से संयम बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील की।