
आजमगढ़: शिक्षा व्यवस्था में सुधार, पेपर लीक की घटनाओं पर रोक, छात्रसंघ चुनाव की बहाली तथा छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की मांग को लेकर आजमगढ़ के छात्र-छात्राओं और युवा साथियों ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपा। ज्ञापन में छात्रों ने कहा कि लगातार हो रही प्रतियोगी परीक्षाओं की अनियमितताओं और पेपर लीक की घटनाओं से युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। इससे शिक्षा व्यवस्था और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर छात्रों का विश्वास भी कमजोर पड़ रहा है। छात्रों का कहना है कि वर्षों की मेहनत के बावजूद बार-बार पेपर लीक होने से उनकी मेहनत व्यर्थ चली जाती है। ज्ञापन के माध्यम से छात्रों ने मांग की कि देशभर में पेपर लीक की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने के लिए दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव शीघ्र कराए जाएं, ताकि छात्रों को लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व का अधिकार मिल सके। इसके अलावा भर्ती एवं परीक्षा प्रक्रियाओं को पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध बनाने की भी मांग की गई।
छात्रों ने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों को गंभीरता से लेते हुए शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार किए जाएं तथा शिक्षा क्षेत्र में बढ़ रही अनियमितताओं को समाप्त किया जाए। ज्ञापन पर कई छात्र-छात्राओं और युवाओं के हस्ताक्षर भी मौजूद रहे।