
आजमगढ़। साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत आजमगढ़ पुलिस की साइबर सेल ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी अपने बैंक खाते साइबर ठगों को उपलब्ध कराकर ठगी की रकम मंगवाते थे, एटीएम से नकदी निकालकर कमीशन रखते थे और बाकी रकम देश-विदेश में सक्रिय साइबर अपराधियों तक पहुंचाते थे।
पुलिस के मुताबिक पहले मामले में आरोपी टेलीग्राम के जरिए विदेशी साइबर अपराधियों के संपर्क में आया और लालच में अपना बैंक खाता उनके हवाले कर दिया। दूसरे आरोपी ने फर्जी फर्म आर.के. फार्मा के नाम पर करंट अकाउंट खुलवाया, जिसके जरिए करोड़ों रुपये की साइबर ठगी का लेन-देन किया जाता था। तीसरे आरोपी ने इन्वेस्टमेंट के नाम पर ठगी गई रकम अपने खाते में मंगवाकर नकदी निकाली और कमीशन काटकर अपने साथियों तक पहुंचाई। जांच के दौरान एक बैंक खाते से 229 एनसीआरपी (NCRP) शिकायतें जुड़ी मिलीं, जिसमें 3 करोड़ रुपये से अधिक की साइबर ठगी का खुलासा हुआ। वहीं दूसरे खाते का लिंक गुजरात में 13.74 लाख रुपये की साइबर ठगी से जुड़ा पाया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन, तीन एटीएम कार्ड और साइबर ठगी से संबंधित नकदी बरामद की है। एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में रामाश्रय सरोज, रवि कुमार और यशवीर सिंह शामिल हैं। रामाश्रय ने अपना बैंक खाता साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराया था, जिसमें 13 लाख रुपये से अधिक का लेन-देन हुआ। रवि कुमार ने फर्जी फर्म के नाम पर खाता खोलकर साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराया, जिसके जरिए 3 करोड़ रुपये से अधिक का ट्रांजैक्शन हुआ और उस खाते पर 229 शिकायतें दर्ज हैं। तीसरे आरोपी यशवीर सिंह ने भी अपना बैंक खाता साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराया था। पुलिस अब इस पूरे साइबर नेटवर्क, बैंक खातों और फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है। एसपी ग्रामीण ने कहा कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है और जल्द ही इस गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जाएगा।