
टेलीग्राम पर ग्रुप बनाकर देता था झांसा, मुरादाबाद में दर्ज है ₹49 लाख से अधिक की शिकायत
- आरोपी के 4 बैंक खातों में देश के 5 राज्यों से मिलीं 7 बड़ी शिकायतें
आज़मगढ़, 6 जुलाई 2026:
जनपद की साइबर क्राइम थाना पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने टेलीग्राम पर विभिन्न नामों से चैनल और ग्रुप बनाकर ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक शातिर साइबर अपराधी को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए अभियुक्त के बैंक खाते पर मुरादाबाद के कोतवाली थाने में करीब 49 लाख 4 हजार 600 रुपये की धोखाधड़ी से संबंधित एनसीआरपी (NCRP) शिकायत भी दर्ज पाई गई है।
ऐसे हुआ मामले का खुलासा
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन, एएसपी ग्रामीण चिराग जैन, एएसपी यातायात पंकज श्रीवास्तव के पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारी साइबर क्राइम आस्था जायसवाल के मार्गदर्शन में साइबर थाना पुलिस की टीम संदिग्धों की जांच कर रही थी। प्रतिबिम्ब पोर्टल से प्राप्त शिकायत संख्या और एक मोबाइल नंबर (9305928824) की जांच के दौरान पुलिस को पवई थाना क्षेत्र के खुरचंदा ग्राम निवासी स्वप्निल पुत्र विजयबहादुर पर शक हुआ। रविवार को पूछताछ के लिए उसे थाने बुलाया गया, जहां उसके मोबाइल की गहन जांच और पूछताछ के बाद इस पूरे फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ।
टेलीग्राम पर चलता था ‘मायाजाल’
ठगी का तरीका (Modus Operandi): > पूछताछ में आरोपी स्वप्निल ने कुबूल किया कि वह अपने साथी राजशिखर सिंह उर्फ ‘राजा टीजी’ के साथ मिलकर पहचान छुपाकर टेलीग्राम पर कई फर्जी चैनल चला रहा था। वह ‘Online free gift code’, ‘Aaao gift code Luto’, ‘Pushpa club daily gift code’, और ’66 LOTTERY HRIDAYAM GIFT CODE’ जैसे नामचीन ग्रुप्स का एडमिन था। इन ग्रुप्स में कैसीनो, रम्मी और लॉटरी जैसे गेम खेलने पर भारी मुनाफे का लालच दिया जाता था। जैसे ही कोई व्यक्ति इनके झांसे में आकर पैसे जमा करता था, ये उसकी टेलीग्राम आईडी ब्लॉक कर देते थे।
5 राज्यों की पुलिस को थी तलाश, 4 बैंक खाते सीज
साइबर पुलिस के अनुसार, अभियुक्त स्वप्निल ठगी की रकम को अपने अलग-अलग बैंक खातों में मंगाता था। जांच में उसके कुल 4 बैंक खातों (कोटक बैंक, यूनियन बैंक और इंडसइंड बैंक) का पता चला है, जिनमें देश के 5 अलग-अलग राज्यों से कुल 7 एनसीआरपी (NCRP) शिकायतें दर्ज हैं। अकेले मुरादाबाद में इसके खिलाफ ₹49 लाख से अधिक की ठगी का मामला दर्ज है। पुलिस ने आरोपी के पास से ठगी में इस्तेमाल होने वाला एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन और 1800 रुपये नकद बरामद किए हैं।
पुलिस की कार्रवाई और वांछित की तलाश
साइबर थाना प्रभारी के मुताबिक, आरोपी स्वप्निल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 319(2), 317(2) और आईटी एक्ट की धारा 66C व 66D के तहत मुकदमा पंजीकृत कर उसे जेल भेज दिया गया है। इस मामले में उसका सह-आरोपी राजशिखर सिंह उर्फ राजा टीजी अभी फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है।
सफलता पाने वाली पुलिस टीम:
इस शातिर अपराधी को दबोचने वाली टीम में साइबर थाने के प्रभारी निरीक्षक राजकुमार सिंह, महिला निरीक्षक विभा पाण्डेय, उप-निरीक्षक रजत सिंह, कंप्यूटर ऑपरेटर आलोक कुमार, कांस्टेबल एजाज खान और कांस्टेबल महिपाल यादव शामिल रहे।