ठहाकों से गूंजा आजमगढ़,महामूर्ख सम्मेलन’ में जमी काव्य गोष्ठी

Azamgarh Uttar Pradesh

ठहाकों से गूंजा आजमगढ़: ‘महामूर्ख सम्मेलन’ में जमी काव्य गोष्ठी, भक्ति और हास्य के संगम ने बांधा समां
​आजमगढ़: होली के पावन पर्व की देर शाम आजमगढ़ की धरती पर साहित्य और मनोरंजन का अनूठा संगम देखने को मिला। जनपद में आयोजित ‘महामूर्ख सम्मेलन’ में प्रयागराज, बलिया और स्थानीय कवियों ने अपनी लेखनी से ऐसा समां बांधा कि श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए। देर शाम शुरू हुई इस महफिल में हास्य, व्यंग्य और भक्ति की अनूठी त्रिवेणी देखने को मिली।
​कविताओं के बाणों से हुए प्रहार
कार्यक्रम में जुटे दिग्गज कवियों ने न केवल गुदगुदाया, बल्कि सामाजिक विसंगतियों पर करारे व्यंग्य भी किए। प्रयागराज से आए मेहमान कवियों ने जहां भक्ति रस से माहौल को आध्यात्मिक बनाया, वहीं बलिया के कवियों ने अपने ठेठ अंदाज में हास्य की फुलझड़ियां छोड़ीं।
​होली की मस्ती में डूबे श्रोता
स्थानीय साहित्य प्रेमियों के लिए यह आयोजन किसी उत्सव से कम नहीं था। तालियों की गड़गड़ाहट और ‘वाह-वाह’ के शोर के बीच कवियों ने देर रात तक मोर्चा संभाले रखा। इस भव्य काव्य संध्या में प्रयागराज, बलिया और आजमगढ़ के प्रतिष्ठित रचनाकारों ने अपनी ओजस्वी वाणी से कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *