
आजमगढ़: बांग्लादेश में18 दिसंबर 2025 को इशनिदा का झूठा आरोप लगाकर हिंदू युवक दीपू चंद्र दास को निर्मम तरीके से जिन्दा जलाकर मुस्लिम भीड़ द्वारा मारा गया यह घटना अत्यंत निदनीय, दुखद एवं मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन है। इस घटना से न केवल क्षेत्रीय शांति प्रभावित हुई है, बल्कि दुनिया भर में रह रहे हिन्दू समुदाय की सुरक्षा को लेकर गहरी विता भी उत्पन्न कर रही है और बांग्लादेश में लगातार ऐसी घटनायें सामने आती जा रहीं है ऐसी घटनाएँ अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार मानकों, जीवन के अधिकार तथा धार्मिक स्वतंत्रता के सिद्धांतों के विरुद्ध है। इस गंभीर विषय पर भारत सरकार द्वारा सशक्त एवं प्रभावी कूटनीतिक पहल अपेक्षित है। अतः हम महामहिम के माध्यम से केंद्र सरकार से निम्नलिखित मांगें रखते हैं की भारत सरकार बांग्लादेश सरकार से औपचारिक रूप से इस हत्या की निष्पक्ष, पारदर्शी एवं समयबद्ध जांच कराने की मांग करे तथा दोषियों को फांसी कि सजा सुनिश्चित कराए।बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने हेतु भारत सरकार कूटनीतिक दबाव बनाए। इस प्रकरण को संयुक्त राष्ट्र एवं अन्य अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार मंचों पर उठाया जाए। भारत सरकार द्वारा बाग्लादेश में रहने वाले हिंदू समुदाय की सुरक्षा एवं अधिकारों के संरक्षण हेतु विशेष तंत्र स्थापित किया जाए।भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए द्विपक्षीय वार्ता के माध्यम से ठोस सुरक्षा आश्वासन प्राप्त किए जाएँ। घटना में पीड़ित परिवार को न्याय एवं मुआवजा दिलाया जाए।