
एंकर : आजमगढ़ जिले के रानी की सराय के समीप अमौड़ा मैनुद्दीनपुर पर नेशनल हाईवे के द्वारा टोल संचालित किया जाता है जिसमें एक बड़ा फर्जी वाड़ा सामने आया है। टोल संचालन का कार्य कर रही कंपनी ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से मात्र ₹100 के अनुबंध पर टोल का संचालन कर रही थी जिसके लिए तकरीबन 1.62 करोड़ के स्टांप की जरूरत है। जानकारी मिलने के बाद विभाग के द्वारा कंपनी के ऊपर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर मुकदमा दर्ज कर दिया गया है।
वीओ : दरअसल वाराणसी से लुंबिनी नेशनल हाईवे–233 पर अमौड़ा मैनुद्दीनपुर स्थित टोल का संचालन आंध्र प्रदेश की 205-बी, बेणू गाेपाल अनंतपुर की कंपनी टी.सूर्य नरायन रेड्डी कर रही है जिसके खिलाफ स्टैंप शुल्क चोरी के लिए मुकदमा दर्ज किया गया है। इस कंपनी ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से 12 जून 2024 को 40.55 करोड़ रुपए देकर मात्र 100 रुपए के स्टांप पर अनुबंध किया था, इसका खुलासा होने के बाद अब कंपनी के ऊपर कार्यवाही की जा रही है। स्टांप एवं पंजीयन विभाग के द्वारा कंपनी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में वाद दाखिल किया गया है, नोटिस जारी होने के बाद कंपनी के अधिकारी को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत होना होगा, उसके बाद डेढ़ प्रतिशत ब्याज और चार प्रतिशत जुर्माना के साथ कम लगे स्टांप की धनराशि भी जमा करनी होगी। उपायुक्त स्टांप अविनाश पाण्डेय ने बताया कि अमौड़ा मैनुद्दीनपुर स्थित टोल प्लाजा पर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से जो डिड अनुबंध हुई वह मात्र ₹100 के स्टांप पेपर पर हुई जबकि इसके लिए 1 करोड़ 62 लाख रुपए का स्टांप लगना चाहिए था। लेकिन मात्र ₹100 के स्टांप पर अनरजिस्टर्ड डीड के माध्यम से संविदा निष्पादित की गई है। उन्होंने बताया कि संबंधित अधिकारियों के द्वारा कई बार कंपनी से लीज डीड की मांग की गई लेकिन यह उपलब्ध नहीं कराया गया। वही स्टैंप शुल्क जमा न करने से सरकार को वित्तीय घाटा सहन करना पड़ रहा है जिसके बाद कंपनी पर एक करोड़ 62 लाख रुपए कम स्टांप शुल्क जमा करने का मुकदमा दर्ज किया गया है।
बाइट : अविनाश पांडेय (उपायुक्त स्टांप)