
आजमगढ़: जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने आज हरिऔध कला केन्द्र आजमगढ़ में मनरेगा योजनान्तर्गत तमसा नदी जीर्णाेद्धार हेतु आयोजित कार्यशाला का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारम्भ किया गया।
जिलाधिकारी ने कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए कहा कि जनपद आजमगढ़ में तमसा नदी का प्रवेश विकास खण्ड अहिरौला की ग्राम पंचायत असलई से होता है। अपने प्रारम्भिक ग्राम से अन्तिम छोर स्थित ग्राम पंचायत मिर्जापुर, विकास खण्ड सठियांव तक नदी की कुल लम्बाई 89 किमी० है। ग्रामीण क्षेत्र के अन्तर्गत तमसा का प्रवाह क्षेत्र कुल 07 विकास खण्डों से होकर गुजरता है, जिसमें विकास खण्ड अहिरौला, मिर्जापुर, तहबरपुर, रानी की सराय, पल्हनी, बिलरियांगज एवं सठियांव विकास खण्डों की कुल 111 ग्राम पंचायते आती है। इस सरिता के तट पर कई पौराणिक एवं धार्मिक स्थल स्थित है, जिनका विशेष महत्व है। उन्होने कहा कि प्रमुख पौराणिक एवं धार्मिक स्थलों में चन्द्रमा ऋषि आश्रम, दुर्वासा ऋषि आश्रम, दत्तात्रेय ऋषि आश्रम एवं द्रोणाचार्य आश्रम विशेष रूप से उल्लेखनीय है। यह सरिता जनपद आजमगढ की जीवन रेखा है एवं आजमगढ शहर इस सरिता के तट पर विद्यमान है।