
आजमगढ़: जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले से ब्राह्मण समाज कल्याण परिषद में आक्रोश एवं मारे गए हिंदुओं के परिवारों के प्रति प्रकट की गई शोक संवेदना।
ब्राह्मण समाज कल्याण परिषद के अध्यक्ष ब्रजेश नन्दन पाण्डेय ने बुधवार को एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से पहलगाम में हुए आतंकवादी घटना पर आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि आतंकवादियों द्वारा धर्म पूछकर हिन्दुओं की नृशंस हत्या की गई है जो यह प्रदर्शित करता है कि जम्मू कश्मीर में आज भी पूरी तरह शान्ति व्यवस्था ठीक नहीं है और जम्मू कश्मीर की सरकार आतंकवादियों पर लगाम लगाने में पूरी तरह विफल है । पाण्डेय ने मांग किया कि आतंकवादी घटना में संलिप्त सभी आतंकवादियों के खिलाफ जल्द से जल्द कार्रवाई किया जाय एवं इस घटना में मारे गए सभी हिन्दू परिवारों को भारत सरकार एक करोड़ का मुआवजा सहित सरकारी नौकरी दिया जाय ।
महामंत्री मनोज कुमार त्रिपाठी ने कहा कि अपराधी का कोई धर्म तो नहीं होता परन्तु धर्म की पहचान कर निर्दोष हिंदू तीर्थ यात्रियों को मौत के घाट उतारना एक राक्षसी प्रवृत्ति है जिसकी जितनी भी निंदा की जाय कम है । आतंकवादी एक रक्त बीज नामक राक्षस की तरह हैं जब तक उनका पूरी तरह सफाया नहीं होगा तब तक आतंकवाद समाप्त होने वाला नहीं है।
ब्राह्मण समाज कल्याण परिषद के नगर अध्यक्ष गोविन्द दुबे ने कहा कि इस मामले में आतंकवादियों से निपटने के लिए सेना को पूरी तरह मुक्त कर देना चाहिए ।सेना को गोली का जवाब गोला से देकर आतंकवाद के जनक पाकिस्तान की कमर तोड़ देना चाहिए । उन्होंने मांग किया कि यदि जम्मू कश्मीर की राज्य सरकार अपने राज्य में आए हिंदू तीर्थ यात्रियों को सुरक्षा देने में नाकाम है तो केंद्र सरकार पुनः जम्मू कश्मीर में राष्ट्रपति शासन लागू करे ।
इस दौरान विश्वदेव उपाध्याय,सतीश कुमार मिश्र, दिवाकर तिवारी,आनन्द उपाध्याय,राधे श्याम मिश्रा, रामाश्रय उपाध्याय,सतीश पाण्डेय,गिरिजा सुवन पाण्डेय,राम कवल चतुर्वेदी,कृष्ण कुमार पाण्डेय,उपेन्द्र दत्त शुक्ला,रंजन पाण्डेय, निशीथ रंजन तिवारी, दिनेश तिवारी,अवधेश कुमार उपाध्यायआदि ने शोक संवेदना व्यक्त किया।