
समाजवादी पार्टी कार्यालय आजमगढ़ पर वीरांगना रानी दुर्गावती का 164 वें बलिदान दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर नमन किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष हवलदार यादव ने कहा की रानी दुर्गावती अदम्य,साहस, वीरता की प्रतीक थीं वह वीरांगना थीं जब पूरे देश में अन्य रियासतें अपनी सुख सुविधा के लिए मुगल शासको के सामने आत्म समर्पण कर रहे थे उस समय महिला होने के बाद भी उनके सामने घुटने नहीं टेके लड़कर मर जाना उचित समझा रानी दुर्गावती का प्रसिद्ध संदेश माना जाता है कि अपमानित जीवन से सम्मानपूर्वक मृत्यु श्रेष्ठ है।
रानी दुर्गावती कि शादी गोंड़ राजा संग्राम शाह के पुत्र दलपत साहब से हुआ था दलपत शाह के निधन के बाद गोंडवाना राज्य की शासक बनी।
कार्यक्रम को जी.एस.प्रियदर्शी ने कहा कि आदिवासी पिछड़े, व दलित ने भारत की अस्मिता के लिए कुर्बानियां दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष हवलदार यादव व कार्यक्रम का संचालन सपा अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय सचिव अजीत कुमार राव ने किया।
कार्यक्रम में प्रेमा यादव, श्री राम यादव, डॉ धनराज यादव,दुर्गेश यादव, संतोष कुमार गौतम, द्रौपदी पांडेय, रणवीर चौहान, गीता गिरी, शबनम खातून खातून, प्रदीप कुमार यादव, विनोद यादव आशीष यादव, अवनीश यादव,आमिर अहमद, रामसूरत राम, धर्मेंद्र कुमार आदि लोग उपस्थित रहे।