
आजमगढ़: आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत की धनी नगरी आजमगढ़ में आज से चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व अत्यंत हर्षोल्लास और भक्तिमय वातावरण में प्रारंभ हो गया। वासंतिक नवरात्रि के प्रथम दिन, माँ शैलपुत्री के पूजन के साथ ही जनपद के समस्त शक्तिपीठों और शिवालयों में अलसुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। पूरा शहर ‘जय माता दी’ के जयकारों से गुंजायमान हो उठा।
दक्षिण मुखी काली मंदिर में लगीं लंबी कतारें
शहर के हृदय स्थल चौक स्थित ऐतिहासिक और सुप्रसिद्ध दक्षिण मुखी काली माता मंदिर में आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। मान्यता है कि यहाँ दर्शन मात्र से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं, यही कारण रहा कि ब्रह्ममुहूर्त से ही भक्तों का तांता लगना शुरू हो गया था। मंदिर प्रशासन और स्थानीय पुलिस की मुस्तैदी के बावजूद श्रद्धालुओं की कतारें मुख्य मार्ग तक पहुँच गईं।
श्रद्धालु हाथों में जल, अक्षत, पुष्प और नैवेद्य लेकर अपनी बारी की प्रतीक्षा करते नजर आए। मंदिर परिसर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि श्रद्धालुओं को दर्शन में किसी असुविधा का सामना न करना पड़े।
भक्ति और अनुष्ठान का संगम
केवल चौक ही नहीं, बल्कि शहर के अन्य प्रमुख मंदिरों जैसे सिधारी स्थित माँ दुर्गा मंदिर और अन्य मोहल्लों में स्थापित देवी धामों पर भी विशेष सजावट की गई है। घरों में भी कलश स्थापना के साथ नौ दिनों के कठिन व्रत और अनुष्ठान की शुरुआत हुई। बाज़ारों में भी पूजन सामग्री, फल और चुनरी की दुकानों पर खासी चहल-पहल देखी गई।