
अदालत के आदेश पर बड़ी कार्रवाई: फर्जी खतौनी और ठगी की कमाई से खड़ी की गई 5 गाटा में फैली गगनचुम्बी इमारत प्रशासनिक कब्जे में; अभियुक्त जेल में बंद
ब्यूरो, आजमगढ़ (12 जुलाई, 2026):
उत्तर प्रदेश में भूमाफियाओं और संगठित अपराधियों के खिलाफ जारी ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत आजमगढ़ पुलिस को आज एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। जिले के कुख्यात भूमाफिया, गैंगस्टर और हिस्ट्रीशीटर कृष्णचन्द्र राय उर्फ के.सी. राय के करीब 10 करोड़ रुपये मूल्य के अवैध साम्राज्य पर प्रशासन ने पूरी तरह से शिकंजा कस दिया है। न्यायालय के आदेश पर भारी पुलिस बल और राजस्व विभाग की टीम ने कोतवाली थाना क्षेत्र के कोडर अजमतपुर स्थित उसकी गगनचुम्बी अचल संपत्ति को डुगडुगी पिटवाकर (मुनादी कराकर) कुर्क कर लिया।
ठगी की कमाई से बनाया था ‘क्राइम हेडक्वार्टर’
पुलिस जांच (विवेचना) में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि के.सी. राय ने साल 2012 से लगातार फर्जी खतौनी, जमीन के नाम पर करोड़ों की ठगी और गैंगस्टर गतिविधियों के जरिए भारी अवैध धन कमाया था। इसी काली कमाई के बल पर उसने ग्राम कोडर अजमतपुर में लगभग 5 गाटा संख्या में फैली एक बहुमंजिला आलीशान इमारत खड़ी की थी। लोक निर्माण विभाग (PWD) और राजस्व विभाग द्वारा किए गए तकनीकी मूल्यांकन में इस पूरी अचल संपत्ति की बाजारू कीमत लगभग ₹10,00,00,000 आंकी गई है।
पुलिस के अनुसार, यह गगनचुम्बी इमारत केवल काली कमाई का प्रदर्शन नहीं थी, बल्कि यह अपराधियों और गैंग के सक्रिय सदस्यों के जमावड़े तथा विभिन्न संगीन वारदातों की साजिश रचने का प्रमुख केंद्र (सेफ हाउस) बनी हुई थी।
अदालत में खुली पोल, आय का कोई वैध स्रोत नहीं
कोतवाली पुलिस के विवेचक निरीक्षक रफी आलम द्वारा कोर्ट में पेश की गई प्रभावी रिपोर्ट के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) श्री सत्यबीर सिंह ने धारा 107 बीएनएसएस (BNSS) के तहत इस अवैध संपत्ति को कुर्क करने का कड़ा आदेश जारी किया। अदालत ने पाया कि अभियुक्त के पास इस आलीशान भवन के निर्माण या उसके लिए गए किसी कर्ज की किश्तें चुकाने का कोई भी कानूनी या वैध आय का जरिया नहीं था। न्यायालय ने संपत्ति की देखरेख के लिए तहसीलदार को प्रशासक नियुक्त कर दिया है।
अम्बेडकरनगर जेल में बंद है कुख्यात अपराधी
लगभग 49 वर्षीय अभियुक्त कृष्णचन्द्र राय उर्फ के.सी. राय (पुत्र सुखसागर राय) मूल रूप से थाना बरदह के मुहम्मदपुर फेटी का निवासी है और कोतवाली पुलिस का हिस्ट्रीशीटर (HS No. 15-B) है। उस पर हत्या के प्रयास, डकैती, रंगदारी, जालसाजी और गैंगस्टर एक्ट समेत कुल 16 संगीन मुकदमे दर्ज हैं। वर्तमान में वह सलाखों के पीछे है और प्रशासनिक आधार पर उसे जिला कारागार अम्बेडकरनगर में शिफ्ट किया जा चुका है।
पुलिस की टीम रही मुस्तैद
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार के कड़े निर्देशन में हुई इस बड़ी कार्रवाई को धरातल पर उतारने के लिए अपर पुलिस अधीक्षक (नगर) श्री मधुवन कुमार सिंह के पर्यवेक्षण में टीम बनाई गई थी। क्षेत्राधिकारी (नगर) श्री शुभम तोदी की मौजूदगी और निरीक्षक रफी आलम के नेतृत्व में कोतवाली पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर मुनादी कराई और नियमानुसार सरकारी बोर्ड लगाकर भवन को सील कर दिया।
अपराधियों की आर्थिक रीढ़ तोड़ना हमारी प्राथमिकता: पुलिस
कार्रवाई के बाद आजमगढ़ पुलिस ने सख्त संदेश जारी करते हुए कहा कि, “अपराध की कमाई से खड़ा किया गया हर एक रुपया जब्त किया जाएगा। अपराधियों की आर्थिक रीढ़ को तोड़ना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिले में संगठित अपराध और भूमाफियाओं के खिलाफ यह कड़ा अभियान भविष्य में भी इसी तरह जारी रहेगा।”