डिजिटल क्रांति: जब खुद ऑपरेटर बने डीएम, किसानों को मिली अपनी ‘यूनिक आईडी

Azamgarh Uttar Pradesh



​डिजिटल क्रांति: बिलरियागंज में जब खुद ऑपरेटर बने डीएम, किसानों को मिली अपनी ‘यूनिक आईडी’
​बिलरियागंज (आजमगढ़): जिले के किसानों को सरकारी योजनाओं से सीधे जोड़ने के लिए आज जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार (IAS) का एक अलग ही रूप देखने को मिला। आजमगढ़ न्यूज़ नेटवर्क (ANN) की रिपोर्ट के अनुसार, विकासखंड बिलरियागंज के प्राथमिक विद्यालय मधनापार में चल रहे फार्मर रजिस्ट्री कैंप में डीएम ने खुद कमान संभालते हुए किसानों की डिजिटल आईडी जनरेट करवाई।
​प्रमुख झलकियां:
​सुबह 08:15 बजे फील्ड में: जिलाधिकारी ने सुबह ही कैंप का स्थलीय निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं को परखा।
​डीएम ने खुद किया काम: औपचारिकताएं छोड़ डीएम खुद कंप्यूटर पर बैठे और मौजूद किसानों का पंजीकरण कर मौके पर ही आईडी कार्ड उपलब्ध कराए।
​एक आईडी, किसान सम्मन निधि के साथ अनेक लाभ: डीएम ने बताया कि यह 12 अंकों की आईडी किसानों के लिए ‘आधार’ की तरह काम करेगी, जिससे खाद, बीज और लोन की प्रक्रिया पारदर्शी होगी।
​सीधा संवाद: उन्होंने किसानों को समझाया कि फार्मर रजिस्ट्री से बिचौलियों का खेल खत्म होगा और सरकारी लाभ बिना किसी कटौती के सीधे खाते में पहुंचेगा।
​”हमारा प्रयास है कि तकनीक के माध्यम से किसानों को दफ्तरों की भागदौड़ से मुक्ति मिले।” — रविन्द्र कुमार, जिलाधिकारी


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