
आजमगढ़: जनपद के रौनापार थाना क्षेत्र में धर्म परिवर्तन के सिंडिकेट के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। लालच और प्रलोभन देकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित करने वाले एक गिरोह के 4 पुरुषों और 1 महिला को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इनके पास से बाइबिल, धार्मिक पुस्तकें और मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं।
मामला रौनापार थाना क्षेत्र के ग्राम अराजी नौबरार करखिया (निवियहवा) का है। पुलिस को सूचना मिली थी कि 24 मार्च को रामकिशुन नामक व्यक्ति के घर पर एक ‘सत्संग’ का आयोजन किया जा रहा था। इस आयोजन की आड़ में गोरखपुर और आजमगढ़ के कुछ लोग स्थानीय ग्रामीणों को विभिन्न प्रकार के प्रलोभन देकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए उकसा रहे थे।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने तत्काल संज्ञान लेते हुए मु0अ0सं0 67/26 के तहत उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था।
घेराबंदी कर दबोचे गए अभियुक्त
मुखबिर की सटीक सूचना पर रौनापार थाना के उपनिरीक्षक रमेश कुमार और उपनिरीक्षक रामविलास प्रसाद की टीम ने बुधवार सुबह करीब 07:15 बजे पचपुलिया इस्माईलपुर के पास घेराबंदी की। पुलिस ने मौके से नामजद सभी 5 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार अभियुक्तों की सूची:
रामकिशुन (74 वर्ष) – निवासी निवियहवा, रौनापार, आजमगढ़।
महेन्द्र प्रजापति (45 वर्ष) – निवासी कासिमपुर जिगनी, गोरखपुर।
बिन्दू प्रजापति (38 वर्ष) – निवासी कासिमपुर जिगनी, गोरखपुर।
अनिरुद्ध पटेल (42 वर्ष) – निवासी कोलवा, रौनापार, आजमगढ़।
अक्षय कुमार (25 वर्ष) – निवासी बड़ा गोड़ियाना, रौनापार, आजमगढ़।
बरामदगी और पुलिस टीम
गिरफ्तार अभियुक्तों के पास से पुलिस ने 2 पवित्र बाइबिल, 1 पवित्र शास्त्र, 1 नोटबुक और 3 मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
इस सफल कार्रवाई में उपनिरीक्षक रमेश कुमार, रामविलास प्रसाद, कांस्टेबल विकास कुमार, चंदन गौड़, जयप्रकाश वर्मा और महिला आरक्षी प्रथमा की मुख्य भूमिका रही। पुलिस प्रशासन का कहना है कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था भंग करने और अवैध रूप से धर्म परिवर्तन कराने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।